नेवी की रिटायर्ड एडमिरल तारा अपनी गवर्नर बहन के घर लौटती है, मगर भ्रष्ट पुलिस उसे भगोड़ा बताकर गिरफ्तार कर लगभग मार डालती है। पुलिस चीफ भाई अपने अपराधों को छिपाने के लिए उसे बलि का बकरा बनाता है। तारा गुप्त रूप से संभलती है, जबकि उसकी बहन असली खलनायक को डेट कर रही है। चैरिटी गाला के मंच पर सच फूट पड़ता है।