कसम का दाग
Never Forgive, Never Forget
शहरी रोमांसगलत पहचानपछतावाबदलाकर्म का फलआधुनिकदर्दनाक प्यारसभीयुवामहिला
तीन साल पहले ज़ोई ने अंधे कार्टर की जान बचाकर उसे गोली का लॉकेट दिया, मगर एवा ने श्रेय छीन लिया। दोहरे रक्त-संकल्प में बंधी ज़ोई अपमान सहती रही; कार्टर ने उसके दाहिने हाथ पर गोली चला दी। अपहरण के समय उसने एवा को चुना और ज़ोई ने अपना बच्चा खो दिया। ताजपोशी पर वृद्ध धर्ममाता ने सच खोला—कार्टर को ज़ोई ने बचाया था। पछतावे में टूटे कार्टर के सामने ज़ोई ने अपना शपथ-टैटू जला दिया।